Tuesday, April 7, 2020

 आज की राt (Rakesh patel
   
         dinank 6-3 -2020
 लगभग  9:00 बजे मैं अपने बिस्तर पर सोने के लिए तैयार था क्योंकि मैं एक ग्रामीण कृषक का बेटा हूं
     मैं अपने पिता जी की  कृषि कार्य हाथ बटाटा हूं वर्तमान समय में विश्व में व्याप्त महामारी जिसका नाम कोरोना वायरस है यह बहुत ही भीषण और बहुत खतरनाक बीमारी है इसके चलते सभी स्कूल कॉलेज आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण बैंक स्वयं सहायता समूह सामूहिक दुकाने व्यापार यातायात परिवहन आदि सभी कार्य रोक दिए गए हैं इसका आशय यह है की हमारे तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा जनता कर्फ्यू  नामक एक जन आंदोलन चलाया जा रहा है जिससे हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हमारे सभी देशवासियों से यह अपील की है कि वे अपने घरों में ही रहे घरों से बाहर ना निकले पूर्णता हा जनता कर्फ्यू का पालन करें  अपने तथा अपने  परिजन परिवार ग्रामीण देश राष्ट्र समाज तथा पूरे विश्व को इस महामारी से बचाया जा सके इन सभी कार्य के चलते मैं कक्षा दसवीं का छात्र जिसके सभी विषय के परीक्षाएं संपन्न होने वाली थी परंतु इसको रोना वायरस की वजह से स्थगित कर दी गई मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा निर्देश जारी किए गए कि इस महामारी के चलते परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है जैसे ही यह बीमारी समाप्त होती है तथा वातावरण सामान्य होता है तब विद्यार्थियों की परीक्षा संपन्न कराई जाएंगी जिसका अभी कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है और ना ही कोई तिथि निर्धारित की गई है इन सभी के चलते मैं अपने गांव में अपने घर पर अपने परिजनों के साथ कुशलता से हूं
     
 
               मेरा परिचय
                             
              मेरा नाम राकेश पटेल है मैं ग्राम झुंझुनू का रहने वाला छात्र हूं मैं वर्तमान में कक्षा दसवीं में अध्ययनरत हूं और मैं अपनी कक्षा दसवीं की पढ़ाई अपने जिला नरसिंहपुर के उत्कृष्ट विद्यालय मैं कर रहा हूं  इससे पूर्व मैं अपने गांव के शासकीय विद्यालयों में पढ़ा हुआ हूं मैंने अपने विद्यार्थी जीवन में समय का विशेष ध्यान रखते हुए अपनी पढ़ाई निरंतर की है जिसके चलते मुझे काफी सफलताएं मिली जैसे ही मैं कक्षा आठवीं में आया   हमारे विद्यालय की एक शिक्षक ने मुझे जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय के बारे में अवगत कराया तभी मैंने जिज्ञासा बस उन अध्यापक से अपनी जिज्ञासा शांत करने हेतु उस उत्कृष्ट विद्यालय की सभी जानकारियां प्राप्त कर ली मैं आपको बता दूं इस विद्यालय में प्रवेश लेने हेतु एक परीक्षा पास करनी होती है यह परीक्षा कक्षा दसवीं में अध्ययन करते समय पास करनी होती है जैसे ही है परीक्षा पास कर लेते हैं तब हमें उसे स्कूल में दाखिला लेना होता है प्रवेश लेना होता है क्योंकि मैं एक ग्रामीण विद्यार्थी था मुझे उस समय बाहर के वातावरण तथा शहरी आवरण के बारे में कोई भी विशेष जानकारी नहीं थी और मैं हमारे गांव से उत्कृष्ट विद्यालय में जाने वाला प्रथम विद्यार्थी था मेरे दोस्त पार्टियों ने मेरे साथ फार्म भरा हुआ था परंतु उन मित्रों का नाम और उत्कृष्ट विद्यालय में नहीं आया और मेरा नाम आ गया था जब मैंने इस विद्यालय का रिजल्ट देखा तो मुझे बड़ी प्रसन्नता हुई परंतु जैसे ही मुझे पता चला कि मेरे साथ पढ़ने वाले 2 विद्यार्थी जिन्होंने जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय का फॉर्म भरा हुआ था उनका नाम जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय में नहीं आया है तो मुझे कुछ समय के लिए बहुत बुरा लगा मेरे मन में अनेक प्रश्न उठने लगे जैसे कि मैं अकेला हूं मैं कैसे रहूंगा मैं कैसे जाऊंगा मैं अपने आगे की पढ़ाई कैसे करूंगा मेरा वहां कोई जान पहचान वाला नहीं होगा और मैं अपना घर और गांव छोड़कर वहां एक नए और अजनबी शहर में पढ़ने जा रहा हूं मैं आपको बता दूं कि उसे स्कूल मैं हमें रहकर पढ़ना होता है चुकी है जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय नरसिंहपुर मेरे गांव से लगभग 75 किलोमीटर दूर है मुझे इस बात का डर था कि मैं कहीं उसी स्कूल में रह पाऊंगा या नहीं पर फिर भी मैंने हिम्मत जुटाई और मैं अपने बड़े भाई श्री राम कुमार  पटेल जी के साथ अपने दो पहिए वाहन पर सवार होकर मेरा दाखिला लेने चल दिए कुछ समय पश्चात हम दोनों भाई उत्कृष्ट विद्यालय नरसिंहपुर खोजते हुए नरसिंहपुर शहर में भटक गए और हम विद्यालय से आगे निकल गए आगे निकल जाने पर हमने वहां के नागरिकों से पूछा कि यह जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय कहां स्थित है लोगों के द्वारा बताए गए निर्देशानुसार बहुत कठिनाइयों के बाद हम जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय पहुंचे हम दोनों भाई बहुत थक चुके थे हम थकी हुई हालत में विद्यालय पहुंचे वहां पर हमारे जैसे अनेक विद्यार्थियों की भीड़ लगी हुई थी जो कि मैंने आपको बता दिया है कि इस विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए एक प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होना पड़ता था तो मेरे जैसे बहुत से विद्यार्थियों उस परीक्षा में उत्तीर्ण होकर वहां पहुंचे थे क्योंकि उन्हें भी उस विद्यालय में अपना प्रवेश लेना था तब मैंने वहां अपने जैसे विद्यार्थियों को देखा मुझे कुछ हौसला मेला मेरे मन में तुरंत ही यह बात हरि की सभी चीजों को छोड़कर मैं उन सभी विद्यार्थियों में से पहला विद्यार्थी हूं जिसे मेरे जिले नरसिंहपुर के उत्कृष्ट विद्यालय मैं पढ़ने का शुभ अवसर मिला

Saturday, February 29, 2020

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                    एक दिन  हमारे कंधों पर भी                                       सितारा होगा                                                                                     उस दिन आसमां में                       हमारे गांव में उजाला होगा